कर्नाटक के दावणगेरे शहर में कुछ ही महीनों के भीतर 150 करोड़ रुपये की चौंकाने वाली साइबर ठगी का खुलासा हुआ है.इस हाई-टेक ठगी के पीछे का मास्टरमाइंड था 28 साल का सैयद अरफात, जो हासन जिले के बेलूर तालुक के शांतिनगर का रहने वाला है.
कैसे खुला 150 करोड़ का जाल
पुलिस जांच में पता चला कि 27 जुलाई से 19 अगस्त के बीच सैयद अरफात के बैंक खाते में 150 करोड़ रुपये जमा किए गए.इस रकम में से गिरोह ने 132 करोड़ रुपये निकाल भी लिए, जबकि पुलिस ने बाकी ₹18 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं.
सबसे पहले इस केस की शिकायत एच.एन. प्रमोद ने दर्ज कराई थी-उनके बैंक खाते से ₹54.16 लाख रुपये रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे.शिकायत मिलते ही दावणगेरे साइबर क्राइम पुलिस ने डीएसपी बंकाली नागप्पा के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई और डिजिटल ट्रेल्स खंगालने शुरू किए.
कैसे पकड़ा गया…
तकनीकी जांच और लगातार फॉलो-अप के बाद पुलिस ने सैयद अरफात को गिरफ्तार किया.उसकी निशानदेही पर बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है.पुलिस ने बताया कि यह गिरोह सिर्फ कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि गाज़ियाबाद (उत्तर प्रदेश), श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर), एलुरु (आंध्र प्रदेश) और मुंबई तक फैला हुआ था.
इस नेटवर्क ने कई राज्यों में लोगों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये उड़ा दिए वो भी बिना किसी शोर-शराबे के.
पुलिस की सराहना और बड़ा संदेश
दावणगेरे की एसपी उमा प्रशांत ने पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा-लगातार तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग की वजह से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी.हमारी टीम ने दिखाया कि साइबर अपराधी कितने भी चतुर हों, उन्हें पकड़ा जा सकता है.”
उन्होंने आगे कहा-“हम अक्टूबर महीने को Cyber Crime Awareness Month के रूप में मना रहे हैं.90% साइबर क्राइम पीड़ित पढ़े-लिखे लोग हैं. इसलिए जागरूकता सबसे जरूरी है.”
एसपी उमा प्रशांत ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता एच.एन. प्रमोद को पूरा ₹54.16 लाख रुपये वापस दिलाए जाएंगे.
उन्होंने बताया कि यह गलतफहमी है कि ऑनलाइन ठगी का पैसा कभी वापस नहीं आता —
हमारे पास प्रशिक्षित टीम है जो डिजिटल ट्रेल्स पकड़ने में माहिर है.अगर शिकायत समय पर की जाए, तो पैसा वापस मिलना मुश्किल नहीं.”
सबक आम लोगों के लिए
किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर बैंक डिटेल, OTP या PAN जानकारी साझा न करें.साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत करें 1930 हेल्पलाइन नंबर पर.ट्रांज़ैक्शन अलर्ट और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा ऑन रखें.“जल्दी पैसा कमाने” या “फ्री बोनस” जैसी योजनाओं से दूर रहें.
