Saturday, March 14, 2026
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21# कोड का जाल: कैसे अमन ने बचाया चाचा रामू को डिजिटल धोखाधड़ी से

by Anuradha Pandey

पड़ोस की चौक पर चाय के साथ रोज की गपशप हो रही थी. सब लोग बतियाते-बतियाते मोबाइल और बैंक की बातें कर रहे थे. तभी चाय की मेज पर बैठे चाचा रामू ने पूछा, “अभी कल ही एक कॉल आई थी, कोई कह रहा था कि मेरा सिम बंद हो जाएगा, और बोला 21# डायल कर लो. मैंने डायल कर दिया. अब लगता है कुछ अजीब है.” सब की आंखें चौंदी हो गईं.

अमन, जो कंप्यूटर और मोबाइल की थोड़ी बहुत समझ रखते थे, ने तुरंत बताया, “रुको, ये बहुत ख़तरनाक फ्रॉड हो सकता है.” सभी चुप हो गए और अमन ने कहानी में सबको समझाया.

अमन ने कहा, “सोचो तुम अपने घर की चाबी किसी अजनबी को दे रहे हो. 21# या इसी तरह के कोड डायल करने का मतलब होता है कि तुम्हारे आने वाले कॉल और SMS किसी और नंबर पर फॉरवर्ड हो जाएं.

उस किसी के पास तुम्हारे बैंक के OTP, वेरिफिकेशन कोड और दूसरे निजी मैसेज चले जाते हैं. फिर वो आसानी से तुम्हारे व्हाट्सऐप और बैंक अकाउंट में घुस सकता है.”

दादी ने डर कर पूछा, “तो हम क्या करें अमन बेटा?” अमन ने ठंडे दिमाग से कदम-दर-कदम समझाया. “पहला, किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर कोई कोड मत डायल करो.

दूसरा, कभी भी OTP या बैंक डिटेल फोन पर मत बताओ. तीसरा, अगर संदेह हो कि कॉल फॉरवर्ड हो रहा है तो तुरंत ##21# डायल करो. ये कोड सारे कॉल-फॉरवर्डिंग बंद कर देता है.”

अमन ने आगे बताया कि फ्रॉडस्टर अलग-अलग बहाने बनाते हैं. कभी बैंक वाले बन जाते हैं, कभी मोबाइल कंपनी वाले या सरकारी अधिकारी. वे डराकर या झांसा दे कर लोग कोड डायल करवा लेते हैं.

“सावधानी सबसे बड़ा बचाव है”, अमन ने कहा. “और अगर कुछ गलत लगे तो अपने बैंक को तुरंत बताओ, पासवर्ड बदल दो और नज़दीकी पुलिस या साइबर क्राइम यूनिट को सूचित करो.”

सबने मिलकर रामू का फोन और सेटिंग चेक की. कॉल फॉरवर्डिंग बंद करके, पासवर्ड बदला और सबको यह बात बताई कि अगली बार कोई भी ऐसा फोन करे तो तुरंत ब्लॉक कर देना और फोन नंबर नोट कर लेना.

अंत में अमन ने सबको एक छोटा नोट दिया
किसी अनजान की बात पर 21# या कोई कोड मत डायल करो.
OTP या बैंक डिटेल कभी फोन पर साझा न करो.
शक होने पर ##21# डायल करो और बैंक को सूचित करो.
संदिग्ध कॉल/मैसेज ब्लॉक कर रिपोर्ट करो.
नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930. भोपाल साइबर हेल्पलाइन: 9479990636. ऑनलाइन शिकायत: www.cybercrime.gov.in
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कहानी बताती है कि तकनीक पर उसकी समझ रखना ज़रूरी है. एक छोटी-सी सावधानी से आप अपना पूरा डिजिटल जीवन सुरक्षित रख सकते हो.

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