जसपुर की एक शांत शाम थी. मोहम्मद आज़म घर की छत पर बैठा सोच रहा था-कब तक इसी छोटे शहर में फंसा रहूंगा?” घर की जिम्मेदारियां, बेरोजगारी और ऊंचे सपने…इन सबके बीच उसे एक सुनहरा ऑफर मिला.
गांव का ही एक जानकार, सुनील, उसे कहता है-भाई, बैंकॉक में काम है. 70 हज़ार महीना. खाना-रहना फ्री. बस पासपोर्ट दे दे और चल.आज़म की आंखों में चमक आ गई. उसे लगा यही मौका है जिंदगी बदलने का.
पहला कदम: बैंकॉक का सपना
कुछ ही दिनों में टिकट बन गई. आज़म पहली बार प्लेन में बैठा. दिल में उम्मीद भरी हुई-अब तो घरवालों को कुछ करके दिखाऊंगा. लेकिन बैंकॉक एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उसका सपना टूटने लगा. एक अजनबी एजेंट आया और बोला—
सुनील ने भेजा है. हमारे साथ चलो.आज़म ने सोचा, शायद यही प्रोसेस होगा. लेकिन असली खेल अब शुरू होना था.
दूसरा कदम: जंगल, नदियां और अंधेरा
उसे कार से जंगलों के बीच छुपा दिया गया. फिर नाव में बैठाकर नदी पार करवाई गई.आज़म डरते-डरते पूछता-भाई, हम बैंकॉक में कहां काम करेंगे? एजेंट हंसकर बोला-“बैंकॉक नहीं…Myanmar.आज़म के पैर जैसे सुन्न हो गए. लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.
तीसरा कदम: म्यांमार का K K Park – साइबर फ्रॉड का नरक
आज़म को एक बड़े कम्पाउंड में ले जाया गया.अंदर पहले से सैकड़ों भारतीय युवक बंद थे. सबके फोन छीन लिए गए थे.
एक आदमी चिल्लाते हुए बोला-यहां नौकरी नहीं, काम करके दिखाओ. रोज 500 कॉल. फ्रॉड करो. टारगेट पूरा नहीं किया तो सज़ा मिलेगी.आज़म को समझ आया-उसे बेच दिया गया है.रोज उसे कॉलिंग स्कैम, ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी सपोर्ट कॉल करने को मजबूर किया जाता था.भागने की कोशिश करने पर पीटा जाता था.
चौथा कदम: एक फोन कॉल जिसने कहानी बदल दी
एक दिन मौका मिला तो उसने किसी तरह एक फोन छीनकर अपने पिता को कॉल कर दिया.आवाज़ कांप रही थी-
अब्बू, मुझे बचा लो. मैं फंस गया हूं.
पिता ने सुनील को पकड़कर पूछा-मेरे बेटे को वापस ला! लेकिन सुनील ने उल्टा कहा-4 लाख रुपये दो…तभी आएगा.
पांचवां कदम: फिल्म जैसी भागने की कहानी
22 अक्टूबर की रात, भारी बारिश हो रही थी.आज़म ने कैम्प की खिड़की से छलांग लगाई और अंधेरे में भागता गया.
घंटों चलने के बाद वह बॉर्डर पर तैनात भारतीय सैनिकों के पास पहुंचा.उन्होंने तुरंत भारतीय दूतावास को सूचना दी.
कुछ दिनों में आज़म समेत 21 युवक भारत लाए गए.
आख़िरी कदम: STF की बड़ी कार्रवाई
आज़म के बयान ने पूरी कहानी खोल दी. STF ने तलाश शुरू की और जसपुर के सुनील को गिरफ्तार कर लिया. अब STF उसके विदेशी नेटवर्क तक पहुंचने की तैयारी में है.
