Friday, March 13, 2026
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दिवाली पर लोन का झांसा: सुमित की ठगी की कहानी

by Anuradha Pandey

हर साल की तरह इस बार भी दिवाली आने वाली थी.दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में रहने वाला सुमित, एक प्राइवेट जॉब करने वाला आम इंसान, इस बार घर को नया फर्नीचर दिलाने की सोच रहा था.बजट थोड़ा टाइट था, लेकिन मोबाइल पर अचानक एक विज्ञापन दिखा “Instant Loan in 5 Minutes! No documents needed! Festival Special Offer!”

सुमित ने सोचा “वाह! दिवाली से पहले लोन मिल जाए तो सब ठीक हो जाएगा.”
उसने लिंक पर क्लिक किया, अपना PAN, बैंक अकाउंट नंबर और OTP डाल दिया.
लोन तो मिला नहीं, लेकिन कुछ घंटों बाद उसके खाते से ₹45,000 गायब थे.

ठगी का असली खेल

सुमित की ये कहानी अकेली नहीं है.त्योहारों के मौसम में दशहरा से दिवाली तक देशभर में हजारों लोग इसी तरह के “फेक लोन ऑफर्स” के झांसे में आते हैं.
साइबर ठग इस वक्त खास सक्रिय हो जाते हैं क्योंकि लोग खर्च बढ़ाते हैं, EMI पर चीजें खरीदते हैं और तेज़ लोन की तलाश करते हैं.

एक्सपर्ट्स बताते हैं फ्रॉडस्टर्स इस सीजन में नकली वेबसाइट्स और ऐप्स बनाकर लोगों से डेटा और पैसे लूटते हैं.कोई भी लोन ऑफर स्वीकार करने से पहले हमेशा RBI या NBFC की रजिस्ट्रेशन जांचें.

सच्चे ऑफर्स भी समझदारी मांगते हैं-त्योहारों में कुछ असली बैंक और फिनटेक कंपनियां कम ब्याज, ज़ीरो प्रोसेसिंग फीस और टॉप-अप लोन जैसे आकर्षक ऑफर देती हैं.लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं लोग ऑफर देखकर तुरंत लोन ले लेते हैं, जबकि उन्हें ये देखना चाहिए कि EMI उनकी क्षमता में है या नहीं. हर लोन के साथ जुड़ा इंश्योरेंस, प्रोसेसिंग चार्ज और रीपेमेंट टर्म्स समझना जरूरी है.”

समझदारी से उधार लें-आपकी कुल EMI आपकी मासिक आय के 30–40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.नहीं तो त्योहारी खुशी धीरे-धीरे कर्ज के बोझ में बदल जाएगी.”
वो कहते हैं,“Instant approval और Low Interest Rate जैसी बातें आकर्षक लगती हैं,लेकिन असल जाल वही होता है जो बहुत आसान दिखता है.”

कैसे बचें इस ठगी से-किसी भी वेबसाइट या ऐप की असलियत RBI या NBFC की लिस्ट से जांचें.“Instant Loan” या “Zero Document” जैसे ऑफर पर कभी भरोसा न करें.बैंकिंग ऐप्स में Multi-factor authentication लगाएं और SMS अलर्ट ऑन रखें.किसी को भी OTP या UPI PIN न बताएं, चाहे वो बैंक वाला ही क्यों न लगे.

त्योहारों में खुशियों की रौशनी के साथ ठगों के जाल भी फैल जाते हैं.
सुमित जैसे हजारों लोग सिर्फ एक क्लिक में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं.

इसलिए इस दिवाली, सजावट से पहले सावधानी सजाइए
क्योंकि असली त्यौहार वही है, जहाँ आपकी जेब और आपका डेटा दोनों सुरक्षित रहें.

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