शनिवार की सुबह थी. लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ हमेशा की तरह गेट्स पर उमड़ी हुई थी. लेकिन अचानक चेक-इन काउंटर पर स्क्रीन काली हो गईं. बोर्डिंग सिस्टम बंद हो गया. लोग लाइन में खड़े रहे और अफसर हाथ मलते रह गए.
“फ्लाइट कैंसल्ड…” का अलर्ट बजा और यात्रियों में अफरातफरी मच गई. किसी का बिज़नेस मीटिंग छूटा, कोई शादी में नहीं पहुंच पाया और कई लोग बच्चों के साथ घंटों फंसे रहे.
थोड़ी देर में पता चला कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि साइबर अटैक था. टारगेट था Collins Aerospace, जिसकी गड़बड़ी से हीथ्रो ही नहीं, ब्रुसेल्स और बर्लिन एयरपोर्ट भी ठप पड़ गए.
असर
ब्रुसेल्स एयरपोर्ट पर 10 फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा.
17 उड़ानें एक घंटे से ज्यादा लेट हुईं.
हजारों यात्री परेशान होकर लंबी कतारों में खड़े रहे.
पुलिस की कार्रवाई
ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) हरकत में आई. वेस्ट ससेक्स से करीब 40 साल का एक संदिग्ध पकड़ा गया. उस पर Computer Misuse Act के तहत कार्रवाई हो रही है. हालांकि, जांच अभी शुरुआती स्तर पर है और उसे शर्तों के साथ बेल पर छोड़ दिया गया.
NCA का अलर्ट
NCA साइबर क्राइम यूनिट के डिप्टी डायरेक्टर पॉल फॉस्टर ने कहा -“यह गिरफ्तारी सिर्फ पहला कदम है. साइबर क्राइम अब ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है. हमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर काम करना होगा ताकि जनता सुरक्षित रहे.”
सबक
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि साइबर अटैक अब सिर्फ डेटा चोरी तक सीमित नहीं हैं.अब निशाना बनते हैं – एयरपोर्ट्स, रेलवे, पावर ग्रिड जैसे सिस्टम, जहां छोटी सी चूक हजारों लोगों को प्रभावित कर देती है और पूरी अर्थव्यवस्था तक को हिला सकती है.
