Friday, March 13, 2026
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‘साइबर प्लेग’ बन चुके हैं इंफोस्टीलर्स: 16 अरब पासवर्ड लीक होने के बाद एक्सपर्ट्स की चेतावनी

by Anuradha Pandey


दुनियाभर में साइबर अपराधियों की नई चाल ने खलबली मचा दी है. सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर पासवर्ड चुराने वाले मालवेयर ‘इंफोस्टीलर्स’ (Infostealers) अब एक ‘साइबर प्लेग’ बन चुके हैं. यह चेतावनी तब आई जब इंटरनेट पर 16 अरब से ज्यादा लॉगिन डिटेल्स के लीक होने की जानकारी सामने आई.

क्या हुआ है खुलासा?
साइबर रिसर्चर Volodymyr Diachenko ने हाल ही में पाया कि 30 अलग-अलग डेटा सेट्स में अरबों यूजरनेम और पासवर्ड मौजूद थे. इनमें Apple, Google, Facebook जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के लॉगिन भी शामिल हैं.

कौन हैं इंफोस्टीलर्स?
इंफोस्टीलर्स ऐसे मालवेयर होते हैं जो आपके डिवाइस से चोरी-छुपे डेटा निकाल लेते हैं, जैसे:

यूज़रनेम और पासवर्ड

बैंक डिटेल्स और क्रेडिट कार्ड नंबर

ब्राउज़र हिस्ट्री और कुकीज़

ये मालवेयर आमतौर पर फिशिंग ईमेल, फर्जी वेबसाइट या पेड सर्च एड्स के जरिए सिस्टम में घुसते हैं.

खतरे की गंभीरता
साइबर सुरक्षा कंपनी Palo Alto Networks के सीनियर अधिकारी साइमन ग्रीन का कहना है कि:

“इनफोस्टीलर अटैक्स अब ज़्यादा खतरनाक हो गए हैं, क्योंकि ये पारंपरिक एंटीवायरस से बच निकलते हैं.”

उन्होंने यह भी बताया कि मार्च 2025 में माइक्रोसॉफ्ट ने एक ऐसा ही अभियान पकड़ा था, जिसमें 10 लाख से ज़्यादा डिवाइसेज़ प्रभावित हुई थीं.

क्यों है इतनी तेजी?
Cybercrime-as-a-Service (CaaS) ने साइबर अपराध को आसान बना दिया है. अब डार्क वेब पर पैसे देकर कोई भी हैकरिंग टूल्स और चोरी किया हुआ डेटा खरीद सकता है.

चोरी हुए पासवर्ड से बैंक अकाउंट हैक, फर्जी लेनदेन, फ्रॉड कॉल, और ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है.

2024 में 58% बढ़े इंफोस्टीलर अटैक
CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में इंफोस्टीलर अटैक में 58% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ऐसे अटैक अब सिर्फ तकनीकी एक्सपर्ट्स का काम नहीं रहे – अब कोई भी शुरुआती साइबर अपराधी इन्हें अंजाम दे सकता है.

बचाव कैसे करें?
आर्टिक वुल्फ कंपनी के साइबर एक्सपर्ट इस्माएल वेलेंजुएला ने सुझाव दिया कि:

✔️ पासवर्ड बार-बार बदलें
✔️ मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का इस्तेमाल करें
✔️ सिर्फ भरोसेमंद ऐप्स और फाइल्स ही डाउनलोड करें
✔️ फर्जी ईमेल और वेबसाइट्स से सावधान रहें

सीख-16 अरब से ज़्यादा पासवर्ड का लीक होना सिर्फ एक डेटा ब्रीच नहीं, बल्कि एक ग्लोबल खतरे का संकेत है. हर यूज़र को अब अपने डिजिटल सुरक्षा के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है.

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