राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध समाजसेवी सुधा मूर्ति साइबर फ्रॉड का शिकार हुई हैं. खबरों के मुताबिक, 5 सितंबर को उन्हें एक फोन कॉल आया जिसमें ठग ने खुद को दूरसंचार विभाग (DoT) का अधिकारी बताया. कॉलर ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो शेयर हो रहे हैं और नंबर डिस्कनेक्ट करने की धमकी दी. इस घटना के बाद सुधा मूर्ति ने बेंगलुरु के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर FIR हो चुकी है.
राज्यसभा सांसद और इन्फोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन रह चुकीं सुधा मूर्ति एक हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड केस की शिकार हुई हैं.
कैसे हुआ फ्रॉड?
घटना 5 सितंबर की है.सुधा मूर्ति को एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को दूरसंचार विभाग (DoT) का अधिकारी बताया.कॉलर ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो ऑनलाइन फैलाए जा रहे हैं.
इतना ही नहीं, कॉलर ने धमकी दी कि अगर वह “सहयोग” नहीं करेंगी तो उनका मोबाइल नंबर दोपहर तक डिस्कनेक्ट कर दिया जाएगा.धोखा और पक्का करने के लिए ठग का नंबर Truecaller पर “Telecom Dept” के नाम से दिखाई दे रहा था.
सुधा मूर्ति ने क्या किया?
इस घटना के बाद सुधा मूर्ति ने तुरंत बेंगलुरु के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू हो गई है.FIR सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है.
पुलिस की जांच
पुलिस का कहना है कि कॉलर ने सुधा मूर्ति से व्यक्तिगत जानकारी निकालने के लिए नकली पहचान का इस्तेमाल किया.फिलहाल, जांच टीम कॉलर का लोकेशन और नेटवर्क ट्रेस करने की कोशिश कर रही है.
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई-प्रोफाइल लोगों को टारगेट करके ठग दबाव की स्थिति बनाते हैं ताकि वे तुरंत कोई कदम उठाएं.फिशिंग कॉल्स और स्पूफ्ड नंबर: Truecaller और अन्य ऐप्स का दुरुपयोग करके ठग सरकारी विभाग का नाम दिखाते हैं.धमकी और डराने की रणनीति: अश्लील कंटेंट या नंबर डिस्कनेक्शन जैसी बातें करके मानसिक दबाव डाला जाता है.
सबक
किसी भी कॉल पर व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें.संदिग्ध कॉल आने पर सीधे विभाग के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें.RBI और DoT कई बार चेतावनी जारी कर चुके हैं कि असली अधिकारी फोन पर इस तरह की धमकी नहीं देते.
