बेंगलुरु की एक शाम में वह सीन नहीं था जो फिल्मों में दिखता है – पर झटका उतना ही तेज था. कन्नड़ सिनेमा के जाने-माने सितारे उपेंद्र और उनकी पत्नी प्रियंका उपेंद्र के घर में एक आम-सी नोटिफिकेशन ने अचानक घर को अफरा-तफरी में बदल दिया.
15 सितंबर की दोपहर को प्रियंका को एक ऐसा मैसेज मिला जो किसी ई-कॉमर्स या डिलीवरी नोटिफिकेशन जैसा दिखाई दिया. उन्होंने लिंक पर क्लिक किया – और बस सेकंडों में उनका WhatsApp ठगों के हाथ लग चुका था.
क्या हुआ: कुछ मिनटों में करोड़ों नहीं, पर लाखों उड़ा दिए गए.हैकर्स ने उनका WhatsApp अकाउंट ओवरराइड कर लिया और उसी अकाउंट से प्रियंका के कांटैक्ट्स को मैसेज भेजा-मुझे इमरजेंसी है, ₹55,000 भेजो.
दोस्तों, रिश्तेदारों और यहां तक कि उनके बेटे ने भी यह सोचकर पैसे भेज दिए कि यह सचमुच प्रियंका की मदद के लिए है. कुछ ही घंटों में कुल मिलाकर लगभग ₹1.5 लाख ट्रांसफर हो चुके थे, तभी परिवार को शक हुआ. कॉल्स उठ न पाने और अनियमित गतिविधि देखकर प्रियंका ने तुरंत मैनेजर और पुलिस को सूचित किया.
जांच ने दिखाया डिजिटल ट्रेल – बिहार के दशरथपुर तक निकला रास्ता-बेंगलुरु साइबर क्राइम यूनिट ने तकनीकी जांच शुरू की. डिजिटल फिंगरप्रिंट और सर्विलांस से ट्रेस किया गया तो पता चला कि सक्रिय हैकर बिहार के दशरथपुर गांव से ऑपरेट कर रहा था – वह इलाका जहाँ से इंटरनेट-आधारित फ्रॉड के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.
रिमोट-एक्सेस लिंक और क्लोनिंग तकनीक से न सिर्फ प्रियंका का, बल्कि उपेंद्र का भी फोन प्रभावित हुआ था. पुलिस ने वहां छापेमारी कर विकास कुमार नाम के आरोपी को पकड़ लिया. पूछताछ में पता चला कि दशरथपुर में सैकड़ों युवक ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड में लगे हुए हैं – और इस गिरोह के नेटवर्क का दायरा कई राज्यों में है.
गिरफ्तारी और आगे की जांच-विकास को बेंगलुरु लाया गया है, और पुलिस उसका नेटवर्क उजागर करने के लिए और बड़ी जाँच कर रही है. शुरुआती पूछताछ में पता चला कि अभियुक्त ने व्हाट्सऐप-क्लोनिंग, मॉलिशियस-लिंक और सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग कर अकाउंट-हाईजैक किए थे और संदेशों के जरिए पैसों की मांग करवा रहे थे. पुलिस अब यह भी देख रही है कि क्या वह किसी बड़े सर्किट का हिस्सा है और दशरथपुर के 150 से ज़्यादा युवक किस तरह जुड़े हुए हैं.
क्या सीखें – एक क्लिक से पहले ये तीन कदम जरूर लें
अजनबी लिंक पर कभी क्लिक न करें. डिलीवरी/ऑर्डर लिंक संदिग्ध लगें तो आधिकारिक वेबसाइट/ऐप से वेरिफाई करें.
WhatsApp में 2-Step Verification ऑन करें और अपने अकाउंट की सिक्योरिटी मजबूत रखें.
यदि किसी परिचित का अचानक मैसेज पैसे मांगने वाला आये, पहले फोन कर पूछ लें – कॉल पर पहचान पक्की हो तो ही मदद भेजें.
