Friday, March 13, 2026
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शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं तो पढ़ें शर्मा जी की कहानी

by Anuradha Pandey

पहले कहानी के किरादारों से मिलाते हैं- राजीव शर्मा — एक आम निवेशक, जो PACL से जुड़े निवेश रिफंड का इंतज़ार कर रहा है.नीलम — राजीव की पत्नी, जो ऑनलाइन फ्रॉड्स से हमेशा सतर्क रहने की सलाह देती है.मनीष — एक ठग, जो SEBI के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट बेचता है.

राजीव शर्मा पिछले तीन साल से PACL कंपनी में अपने निवेश का पैसा वापस पाने की जद्दोजहद में लगे थे. हर रोज़ वो इंटरनेट पर कोई न कोई जानकारी खोजते, SEBI की वेबसाइट देखते, फॉर्म भरते और उम्मीद करते कि कोई अपडेट आएगा.

एक दिन उनके फोन पर एक WhatsApp मैसेज आया —
“नमस्ते श्री शर्मा, आपका PACL रिफंड से जुड़ा केस SEBI द्वारा निपटा दिया गया है. कृपया जुर्माना ₹3,000 तुरंत इस खाते में भेजें और अपने सर्टिफिकेट की डिजिटल कॉपी प्राप्त करें.”

साथ में एक सर्टिफिकेट की फोटो भी थी. उस पर SEBI का लोगो, नीली मुहर और साइन भी थे. राजीव की आंखों में चमक आ गई.

“नीलम, देखो! पैसा वापस मिलने वाला है,” उन्होंने खुश होकर कहा.

नीलम ने फोन छीनकर मैसेज पढ़ा और बोली —
“रुको ज़रा, ये SEBI का ऑफिसियल मेल नहीं, और ये सर्टिफिकेट तो बहुत ही घटिया Photoshop जैसा लग रहा है.”

राजीव थोड़े मायूस हुए, लेकिन नीलम ने तुरंत SEBI की वेबसाइट खोली और सर्टिफिकेट पर दिया गया UDIN नंबर चेक किया. जवाब मिला — Invalid Document.

उन्होंने और जांच की तो पता चला कि हाल ही में SEBI ने चेतावनी जारी की है कि कुछ लोग SEBI के नाम पर फर्जी नोटिस भेजकर निवेशकों से पैसे ऐंठ रहे हैं. वे Sale Certificate, Penalty Notice, और Account Authorization Letter जैसे जालसाज़ी से भरे दस्तावेज़ इस्तेमाल कर रहे हैं.

सेबी ने साफ कहा था —

“कोई भी दस्तावेज़ जिसमें जुर्माना भरने की बात हो, उसे हमारी वेबसाइट से क्रॉस वेरिफाई करें. अगर भेजने वाले की मेल ID ‘@sebi.gov.in’ नहीं है तो तुरंत सावधान हो जाएं.”

राजीव को समझ आ गया कि अगर उन्होंने जल्दबाज़ी में पैसे भेज दिए होते, तो न रिफंड मिलता और न ठग का कोई पता चलता.

उन्होंने तुरंत उस नंबर को ब्लॉक किया, और SEBI की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर कर इसकी शिकायत दर्ज कर दी.

सीख:
राजीव बच गए, लेकिन ऐसे कई लोग हैं जो इन ठगों के झांसे में आ जाते हैं. फर्जी दस्तावेज़ों से सावधान रहें, कोई भी पेमेंट करने से पहले जानकारी को आधिकारिक SEBI वेबसाइट पर वेरिफाई करें.

क्योंकि असली मुहर वही है जो SEBI की वेबसाइट पर दिखे — बाकी सब झांसा है.

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