“मैडम, एक मिनट रुकिए… कहीं आप किसी ठगी का शिकार तो नहीं हो रहीं?”बैंक मैनेजर ने जैसे ही यह सवाल पूछा, महिला ठिठक गईं. वह अपने खाते से 10 लाख रुपये ट्रांसफर करने ही वाली थीं. दूसरी तरफ बैठे साइबर ठग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर उन्हें लगातार डराए जा रहे थे.
अगर उस वक्त बैंक मैनेजर ने सतर्कता नहीं दिखाई होती, तो शायद कुछ ही मिनटों में उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी किसी साइबर गैंग के खाते में पहुंच चुकी होती.
यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है. यह उस खतरे की कहानी है, जो आज मोबाइल फोन के जरिए हर घर तक पहुंच चुका है.
इस साल करोड़ों रुपये की साइबर ठगी
तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले में इस साल साइबर ठगी के मामलों में बड़ा इजाफा हुआ है.पिछले पांच महीनों में पुलिस को 1,888 शिकायतें मिलीं. पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 1,679 थी.
यानी कुछ ही महीनों में साइबर अपराध के मामलों में साफ बढ़ोतरी देखने को मिली.
लोगों के खाते से उड़ गए 14.90 करोड़ रुपये
सिर्फ शिकायतें ही नहीं बढ़ीं, बल्कि ठगी की रकम भी बढ़ गई.इस साल अब तक साइबर ठग लोगों से करीब 14.90 करोड़ रुपये ठग चुके हैं.
हालांकि राहत की बात यह है कि पुलिस और दूसरे विभागों की कोशिश से अब तक 1.32 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस भी दिलाए जा चुके हैं.
अगर पिछले साल से तुलना करें तो तस्वीर और साफ हो जाती है.पिछले साल इसी अवधि में लोगों ने 13.39 करोड़ रुपये गंवाए थे, लेकिन वापस सिर्फ 39 लाख रुपये ही मिल पाए थे.
यानी इस बार रिकवरी में काफी सुधार हुआ है.पहले कोर्ट के चक्कर… अब ऑनलाइन मिल रही मदद
कुछ समय पहले तक साइबर ठगी का पैसा वापस पाना बेहद मुश्किल माना जाता था.
पीड़ितों को बैंक और कोर्ट के कई चक्कर लगाने पड़ते थे.लेकिन अब प्रक्रिया पहले से आसान हो गई है.
गृह मंत्रालय ने मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (Money Restoration Module – MRM) शुरू किया है.
इस पोर्टल के जरिए पीड़ित अपना दावा दर्ज कर सकते हैं और अगर पैसा समय रहते फ्रीज हो जाए, तो उसे वापस पाने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है.
बैंक भी अब निभा रहे बड़ी जिम्मेदारी
साइबर अपराध रोकने में अब सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि बैंक भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.बैंकों को कहा गया है कि अगर किसी खाते में संदिग्ध लेनदेन दिखाई दे, खासकर बुजुर्ग ग्राहकों के मामले में, तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें.
इसी सतर्कता की वजह से कृष्णागिरि की एक बुजुर्ग महिला के 10 लाख रुपये साइबर ठगों के पास जाने से बच गए.बैंक मैनेजर ने समय रहते लेनदेन पर शक जताया और पुलिस को सूचना दे दी.कुछ ही मिनटों में पूरी ठगी टल गई.
डिजिटल अरेस्ट वाले ठगी के मामले कम हुए
कुछ महीने पहले तक डिजिटल अरेस्ट स्कैम देशभर में तेजी से बढ़ रहे थे.ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे और कहते थे कि उनका नाम किसी अपराध में आ गया है.
इसके बाद डराकर उनसे पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे.राहत की बात यह है कि कृष्णागिरि जिले में ऐसे मामलों में अब कमी आई है.
लेकिन एक नया खतरा तेजी से बढ़ रहा है
डिजिटल अरेस्ट स्कैम कम जरूर हुए हैं, लेकिन उनकी जगह अब शेयर मार्केट स्कैम तेजी से बढ़ रहा है.
पुलिस के मुताबिक जिले में आने वाली कुल शिकायतों में करीब 65 फीसदी मामले शेयर मार्केट से जुड़ी ठगी के हैं.
सबसे ज्यादा शिकायतें होसुर और उसके आसपास के इलाकों से आ रही हैं.
कैसे फंसाते हैं शेयर मार्केट वाले ठग?
इन ठगों का तरीका बेहद आसान लेकिन खतरनाक होता है.सबसे पहले आपको व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया जाता है.
फिर कहा जाता है…
हमारे एक्सपर्ट रोज कमाई कराते हैं.एक हफ्ते में पैसा दोगुना हो जाएगा.अंदर की जानकारी के आधार पर शेयर बताए जाएंगे.
VIP ग्रुप में शामिल होने पर बड़ा मुनाफा मिलेगा.शुरुआत में कुछ नकली मुनाफा दिखाया जाता है ताकि भरोसा बन जाए.
फिर जैसे ही लोग बड़ी रकम निवेश करते हैं, पूरा पैसा गायब हो जाता है.
इंस्टेंट लोन स्कैम से भी सावधान रहने की जरूरत
पुलिस ने लोगों को इंस्टेंट लोन स्कैम से भी सावधान रहने की सलाह दी है.
ऐसे ऐप या वेबसाइट कुछ मिनटों में लोन देने का दावा करते हैं.लेकिन बाद में लोगों का निजी डेटा चुरा लिया जाता है, ज्यादा ब्याज वसूला जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है.
अगर ठगी हो जाए तो क्या करें?
अगर आपके साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो सबसे जरूरी है कि आप बिल्कुल भी देर न करें.
जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी.
इसके लिए सरकार ने 1930 टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की है.ठगी होने के 24 घंटे के अंदर इस नंबर पर शिकायत करने से पुलिस और बैंक तुरंत कार्रवाई शुरू कर सकते हैं.
इस पूरी कहानी से सबसे बड़ी सीख
आज साइबर ठग पहले से कहीं ज्यादा चालाक हो चुके हैं.वे कभी शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देते हैं, कभी डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हैं और कभी आसान लोन का झांसा देते हैं.
याद रखिए…
अगर कोई अनजान व्यक्ति कम समय में ज्यादा मुनाफे का वादा करे, सरकारी अधिकारी बनकर डराए या जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करने को कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाइए.
क्योंकि आपकी एक छोटी-सी सावधानी आपकी जिंदगी भर की कमाई बचा सकती है. वहीं अगर गलती से ठगी हो भी जाए, तो बिना समय गंवाए 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें. कई मामलों में समय पर कार्रवाई से पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
